(भैंसदेही शंकर राय)भाजपा मंडल अध्यक्ष पद की रेस में भैंसदेही का राजनीतिक तापमान इन दिनों 50 डिग्री के पार पहुंच चुका है। कहीं बैठकें चल रही हैं, तो कहीं संगठन की नब्ज़ टटोलने की कोशिशें। लेकिन इस गर्म हवा के बीच एक ठंडी और फुल कॉमेडी वाली लहर भी बह रही है — और वो हैं हमारे ‘युवा नेताजी’, जिन्होंने न नाम तय हुआ, न सूची आई, लेकिन पद पहले ही ग्रहण कर लिया!

नेताजी की घोषणा:
भाई साहब, नाम मेरा ही है! सब फाइनल है, बस पेपर आने बाकी हैं।
और इसके साथ ही सोशल मीडिया पर तस्वीरें, बायो अपडेट, और हैशटैग:
#मंडल_अध्यक्ष_इन_एडवांस
#नेताजी_खुश_हैं_क्योंकि_खुद_ही_बने_हैं

अब शहर में चर्चा ये नहीं कि मंडल अध्यक्ष कौन बनेगा, बल्कि ये है कि नेताजी का अगला बयान क्या होगा! किसी ने कहा अगर नेताजी को चाय की दुकान पर बिठा दो, तो वो खुद को टपरी अध्यक्ष भी घोषित कर देंगे!

वैसे नेताजी को कोई कुछ समझाए भी कैसे?
वो खुद ही सवाल बनते हैं, खुद ही जवाब, खुद ही नियुक्ति अधिकारी, और खुद ही स्वागत करने वाले। अभी तक भाजपा ने कोई सूची जारी नहीं की, लेकिन नेताजी ने अपने गली-मोहल्ले में स्वागत बैनर तक छपवा दिए हैं!

सूत्रों की मानें तो नेताजी ने फोटोशॉप शपथग्रहण भी कर लिया है, जिसमें उन्होंने खुद को खुद की मौजूदगी में शपथ दिलाई।

स्थानीय कार्यकर्ता बोले:
नेताजी के आत्मविश्वास का इलाज जिले में किसी डॉक्टर के पास नहीं है। अगर हकीकत में नियुक्त नहीं हुए, तो नेताजी खुद का पार्टी बना लेंगे — नाम होगा भाजपा (भैंसदेही जनता प्रतीक्षा आयोग)

जानकारी के अनुसार, बैतूल जिला भाजपा कार्यालय से सभी मंडलों की सूची भोपाल भेजी जा चुकी है। जल्द ही घोषणा होनी है। लेकिन उससे पहले ही नेताजी ने खुद की नियुक्ति करवा ली है अपने ही दिमाग में।
अब जनता पूछ रही है:
क्या नेताजी वाकई अध्यक्ष बनेंगे?
या फिर बने रहेंगे


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