(भैंसदेही शंकर राय) बैतूल जिले के झल्लार क्षेत्र में रुद्रानी किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप से जुड़े एक सनसनीखेज भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि भैंसदेही के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मदास पनिका ने पहले पंप को जांच की आड़ में सील किया, फिर 50 हजार की रिश्वत लेकर उसे दोबारा खुलवाया।

यह पूरी घटना पंप पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके वीडियो फुटेज व दस्तावेज कलेक्टर को शिकायत पत्र के साथ सौंपे गए हैं। डीलर नयन कुमार आर्य के अनुसार, 29 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1 बजे कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मदास पनिका अकेले ही पेट्रोल पंप पर पहुंचे। कोई संयुक्त जांच दल, सेल्स अधिकारी, नापतौल विभाग या राजस्व अधिकारी उनके साथ नहीं थे। मौखिक रूप से बिक्री रोकने का निर्देश देकर अधिकारी ने पंप का निरीक्षण शुरू किया। दोपहर 2:45 बजे, धर्मदास ने पंचनामा बनाकर पंप को सील कर दिया।

फिर हुई ‘डील’? डीलर के मुताबिक, पंप खुलवाने के बदले अधिकारी ने 50, हजार की मांग की। जब राशि दी गई, तब जाकर पंप को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी गई। डीलर ने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम के CCTV फुटेज, जांच रिपोर्ट और लेखा-दस्तावेज अब प्रशासन को सौंप दिए गए हैं।

इस पूरे मामले पर भैंसदेही एसडीएम शैलेंद्र हानोतिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कौन सा विडियो जारी हुआ है मुझे नही मालूम यदि मामले में तथ्यात्मक साक्ष्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

झल्लार का यह ‘सील एंड डील’ प्रकरण सिर्फ एक स्थानीय भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे पर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें कलेक्टर और आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर हैं कि क्या वे इस मामले में पारदर्शिता और सख्ती बरतेंगे, या फिर यह प्रकरण भी फाइलों में दब जाएगा।


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