(भैंसदेही शंकर राय) सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है मगर भैंसदेही समुदाय स्वास्थ्य केंद्र हमेशा सुर्खियों में रहता है। अस्पताल की बनी बिल्डिंग में संविदा पुरूष परिचारक राहुल शर्मा अपना कमरा सजाकर बैठे हुआ हैं। और इन्हें समुदाय स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी बीएमओ स्वति बरखेड ने रूम में रहने की अनुमति दी है ऐसा संविदा पुरूष परिचारक राहुल शर्मा का कहना है जबकि अस्पताल मरीज के लिए होता नहीं कर्मचारियों के रहने के लिए अस्पताल प्रबंधक द्वारा स्टाफ नर्स के लिए एक रूम की व्यवस्था की जाती है लेकिन किसी भी कर्मचारी को अलग से रूम नहीं दिया जा सकता। अस्पताल प्रबंधन इन दिनों शासन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पुरूष परिचारक राहुल शर्मा की दबंगई देखने को मिलती है यह कर्मचारी 15 दिन छुट्टी पर रहता है और छुट्टी पर से आने के बाद अटेंडेंस रजिस्टर पर साइन भी कर देता है। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि शर्मा जी तो अस्पताल मैं कितने शान और शौकत से अपनी ड्यूटी करते हैं इसीलिए तो इन्हें किराए का मकान खाली कर कर अस्पताल में एक रूम देकर इन्हें शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल के बने रूम में शर्मा जी के लिए अस्पताल का ही पलंग रूम में रखा हुआ है जिस पर शर्मा जी ड्यूटी खत्म होने के बाद आराम करते हैं। इससे पहले भी राहुल शर्मा विवादों में रहे है।
इनका कहना
अस्पताल में चल रही मनॉपल्ली को लेकर बैतूल जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से भी शिकायत की गई है जिस पर कलेक्टर ने कहा अस्पताल कर्मचारियों के रहने के लिए नहीं होता है। कर्मचारी को रहने के लिए किसने आदेश दिए हैं। जांच किए जाने की बात कलेक्टर ने की और भैंसदेही एसडीएम शैलेंद्र हनोतिया को अस्पताल में रहने वाले कर्मचारियों को रूम खाली करने के आदेश दिए हैं।


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