(भैंसदेही से शंकर राय) भैंसदेही नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष पद को लेकर इन दिनों संगठन के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर प्रदेश नेतृत्व की ओर से जल्द ही सूची जारी की जानी है, लेकिन उससे पहले ही वर्तमान मंडल अध्यक्ष केसर लोखंडे एक बार फिर सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आए हैं।

केसर लोखंडे का नाम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच उनकी गहरी पैठ और संगठन के प्रति उनकी वर्षों की निष्ठा, कार्यशैली और सहज व्यवहार का परिणाम है। लोखंडे पिछले कुछ वर्षों में संगठन के सभी स्तरों पर एक सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उभरे हैं। उन्होंने जब-जब पार्टी की ओर से जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे बिना किसी दिखावे के, पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाया।

दो बार रह चुके हैं मंडल महामंत्री सादगी और सेवा भाव से जीता सबका दिल केसर लोखंडे भाजपा संगठन में दो बार मंडल महामंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में वे अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन की गतिविधियों को न केवल गति दी बल्कि मंडल स्तर पर पार्टी को मजबूती और स्थिरता भी प्रदान की। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी है जो हर कार्यकर्ता की बात को सुनते हैं, उनका मार्गदर्शन करते हैं और बिना भेदभाव संगठन को एक परिवार की तरह चलाने में विश्वास रखते हैं।

युवाओं और वरिष्ठों के बीच सेतु बने केसर लोखंडे आज जहां भाजपा युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है, वहीं केसर लोखंडे उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जो वरिष्ठों के अनुभव और युवाओं के उत्साह के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं। वे संगठन के हर कार्यक्रम में सक्रिय रहते हैं और ग्रामीण से लेकर शहरी बूथ स्तर तक उनकी पकड़ मानी जाती है।

क्या फिर मिलेगा भरोसा? सबकी निगाहें प्रदेश नेतृत्व पर भाजपा प्रदेश संगठन जल्द ही सभी मंडलों के अध्यक्षों की घोषणा करने वाला है। ऐसे में भैंसदेही नगर मंडल में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या संगठन एक बार फिर केसर लोखंडे पर भरोसा करेगा या किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा?

हालांकि जो समीकरण दिख रहे हैं, वे पूरी तरह केसर लोखंडे के पक्ष में हैं न केवल संगठन का अनुभव, कार्यकर्ताओं का समर्थन बल्कि उनकी स्वच्छ छवि और कुशल नेतृत्व क्षमता उन्हें सबसे उपयुक्त प्रत्याशी बनाती है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं की मानें तो, केसर लोखंडे के नेतृत्व में भाजपा मंडल ने स्थिरता और मजबूती पाई है। अगर उन्हें दोबारा मौका मिलता है, तो संगठन को और ऊंचाई मिलेगी।


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