(भैंसदेही/शंकर राय) मध्यप्रदेश में कांग्रेस संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और आदिवासी अंचल में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत भैंसदेही में आयोजित तीन दिवसीय आदिवासी कांग्रेस सशक्तिकरण शिविर ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। पहले दिन पांढुरना विधायक और घोड़ाडोंगरी के पूर्व विधायक की मौजूदगी ने शिविर को मजबूती दी, वहीं मंगलवार दोपहर 12:00 बजे पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (राजा साहब) का आगमन शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इस आयोजन की सफलता का श्रेय ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर को दिया जा रहा है, जिनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता संगठित होकर नई ऊर्जा के साथ सक्रिय हुए हैं। कांग्रेस सूत्र मानते हैं कि ठाकुर की संगठनात्मक पकड़ और जनसंपर्क कांग्रेस की स्थानीय राजनीति को नई दिशा देंगे।

दिग्विजय सिंह और ठाकुर परिवार का दशकों पुराना आत्मीय रिश्ता इस आयोजन में एक नई राजनीतिक बयार ला रहा है। स्व. जसवंत सिंह चौहान से दिग्विजय सिंह के गहरे संबंध रहे हैं, और मंगलवार दोपहर 2:00 बजे उनका पंकज ठाकुर के निवास पर सल्फाहार व चाय हेतु पहुंचना महज़ शिष्टाचार नहीं, बल्कि कांग्रेस की जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आदिवासी अंचल में कांग्रेस का यह शक्ति प्रदर्शन भाजपा के लिए स्पष्ट संदेश है कि पार्टी अब जमीन पर लौट रही है और कार्यकर्ताओं की लामबंदी के जरिए 2028 की तैयारी कर रही है।



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