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पिता का कैमरा और मां का संघर्ष बना सहारा, भैंसदेही के प्रेस फोटोग्राफर संतोष राठौर की बेटी दीपाली राठौर वर्ग-2 परीक्षा में चयनित।

(भैंसदेही/शंकर राय) कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्चे दिल से की जाए तो कठिन से कठिन हालात भी राह बना लेते हैं। इसी सोच को सच साबित किया है भैंसदेही की बेटी कुमारी दीपाली राठौर ने। प्रेस फोटोग्राफर संतोष राठौर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती वंदना राठौर की बिटिया दीपाली ने शिक्षा विभाग की वर्ग-2 परीक्षा में चयन पाकर अपने परिवार और शहर का मान बढ़ा दिया है।
दीपाली का परिवार मध्यम वर्गीय है, लेकिन आर्थिक सीमाओं और संघर्षों के बीच भी माता-पिता ने बेटी की शिक्षा को कभी रुकने नहीं दिया। पिता ने कैमरे से संघर्ष भरी रोज़ी-रोटी जुटाई तो मां ने समाजसेवा करते हुए अपनी बेटी के सपनों को पंख दिए। नतीजा यह रहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दीपाली ने कठिन परिश्रम से सफलता हासिल की और आज पूरा परिवार गर्व से सिर ऊंचा कर रहा है।
दीपाली की इस उपलब्धि पर नगर परिषद अध्यक्ष मनीष सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह ठाकुर, भाजपा नेता प्रदीप सिंह किलेदार, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप घोरे, धर्मेंद्र मालवीय,पंकज रानू ठाकुर, शंकर राय,योगेश सोनी, संतोष पाल, सोनू राठौर, राठौर सामज अध्यक्ष आंनद राठौर, विनय शंकर पाठक, संदीप राठौर, सहित अनेक जनप्रतिनिधियों व शहरवासियों ने बधाइयां दीं।
दीपाली राठौर की सफलता इस बात का प्रतीक है कि मजबूत इच्छाशक्ति, माता-पिता का त्याग और निरंतर परिश्रम मिलकर हर मंज़िल को आसान बना सकते हैं। भैंसदेही की यह बिटिया आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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