(भैंसदेही शंकर राय/) दीपावली नजदीक आते ही भैंसदेही शहर में पटाखों की बिक्री शुरू होने वाली है, लेकिन इस कारोबार के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। शहर में लगभग 40 से 50 व्यापारी हर साल दीपावली के दौरान अस्थायी पटाखा दुकानें खोलते हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश के पास न तो अधिकृत गोदाम हैं और न ही सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधन।

2.जानकारी के अनुसार ये व्यापारी अपने घरों में ही पटाखों का भंडारण करते हैं, जो अक्सर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना जैसे आग या विस्फोटघटना घटती है, तो पूरे इलाके में बड़ा हादसा होने की संभावना है।

3.मुख्य सवाल: क्या नियमों को ताक पर रखकर कुछ पटाखा व्यापारी ही लाइसेंस हासिल करेंगे? विस्फोटक अधिनियम 1884 और Explosives Rules 2008 के तहत बिना गोदाम और सुरक्षा के लाइसेंस जारी करना कानूनन प्रतिबंधित है। बावजूद इसके, पिछले वर्षों में प्रशासन ने नियमों की अनदेखी की है, जिससे सवाल उठते हैं कि क्या इस बार भी वही हो सकता है।


5.शहरवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि पटाखा व्यापारियों के गोदाम और सुरक्षा मानकों की सख्त जांच कर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि दीपावली के त्योहार में किसी अनहोनी से बचा जा सके।

इनका कहना
शासन के नियम अनुसार पटाखा व्यापारियों को लाइसेंस दिए जाएंगे लेकिन नियमों का पालन भी करना जरूरी है तभी ज़ारी होगे पटाखा लाइसेंस।
- रामलाल कुमरे पटवारी भैंसदेही


[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="यह खबर हिंदी आडिओ में सुने "]