भैंसदेही (शंकर राय) जिला कांग्रेस कमेटी की बहुप्रतीक्षित कार्यकारिणी के ऐलान के साथ ही भैंसदेही की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम के बढ़ते प्रभाव की हो रही है, जिन्होंने एक बार फिर संगठन में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास करा दिया है।

राष्ट्रीय सचिव, प्रदेश प्रभारी और जिला प्रभारी की मौजूदगी में बनी इस कार्यकारिणी में सिरसाम का दबदबा साफ तौर पर नजर आया। उनके करीबी और भरोसेमंद समर्थकों को अहम पद देकर यह संदेश दिया गया कि भैंसदेही क्षेत्र में उनकी पकड़ अभी भी बेहद मजबूत है।

वहीं दूसरी ओर, वर्तमान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर इस पूरी कार्यकारिणी में पूरी तरह किनारे नजर आए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके एक भी समर्थक को इस टीम में जगह नहीं मिल सकी। इससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र के कई स्थानीय नेता भी ब्लॉक अध्यक्ष के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कार्यकारिणी में उनके समर्थकों की अनदेखी को सीधे तौर पर उनकी कमजोर होती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है।

इसके उलट, पूर्व विधायक सिरसाम ने अपने समर्थकों की नियुक्ति कराकर साफ संकेत दे दिया है कि संगठन में उनका कद और प्रभाव अभी भी सबसे ऊपर है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस कार्यकारिणी के जरिए सिरसाम ने ब्लॉक अध्यक्ष की ताकत को कमतर साबित कर दिया है।

नई कार्यकारिणी में उनके करीबियों को मिली जिम्मेदारियों में गुदगांव निवासी अशोक अड़लक को सचिव, विनय शंकर पाठक को महासचिव, पुरुषोत्तम तिवारी और सुखदेव घानेकर को महासचिव, संजय मावसकर को उपाध्यक्ष, कादर शाह को विशेष आमंत्रित सदस्य, रामू टेकाम को स्थायी आमंत्रित सदस्य और स्वयं धरमू सिंह सिरसाम को सदस्य बनाया गया है।

कुल मिलाकर, यह नई कार्यकारिणी भैंसदेही की राजनीति में एक बड़ा संकेत बनकर उभरी है—जहां एक ओर सिरसाम का दबदबा और मजबूत हुआ है, वहीं दूसरी ओर ब्लॉक अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में यह समीकरण किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


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