[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="यह खबर हिंदी आडिओ में सुने "]

भैंसदेही में शराब माफिया और सिस्टम की सांठगांठ? दुकानों की नंबरिंग बदलकर करोड़ों के राजस्व पर डाका डालने की तैयारी।

(भैंसदेही शंकर राय) भैंसदेही की शराब दुकानों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है, जिसने पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के मुख्य बस स्टैंड पर संचालित शराब दुकान को लंबे समय से “दुकान नंबर 1” के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि बरहापुर रोड पर स्थित दुकान “नंबर 2” के रूप में संचालित हो रही है।
लेकिन अब आरोप है कि ठेकेदार और आबकारी विभाग के कुछ अधिकारी मिलकर इस व्यवस्था को उलटने की साजिश रच रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि मुख्य बस स्टैंड की दुकान को “नंबर 2” और बरहापुर रोड की दुकान को “नंबर 1” दिखाने की तैयारी चल रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह न केवल सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ होगी, बल्कि इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि इसी तरह का मामला पहले बैतूल बाजार में भी सामने आ चुका है, जहां दुकान नंबरों में गड़बड़ी को लेकर शिकायतें प्रदेश स्तर तक पहुंची थीं। अब ठीक वैसा ही षड्यंत्र भैंसदेही में दोहराए जाने की आशंका जताई जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर जब आबकारी विभाग की जिम्मेदार अधिकारी डीओ लीला सिंह मुक्ति से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। यहां तक कि व्हाट्सएप के माध्यम से भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई ठेकेदार और विभाग मिलकर सरकारी व्यवस्था में हेरफेर का बड़ा खेल रच रहे हैं, या फिर यह सिर्फ अफवाह है? अगर यह साजिश सच साबित होती है, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करेगा, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर देगा।
फिलहाल, इस मामले ने भैंसदेही में हलचल मचा दी है और लोग अब सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *