(भैंसदेही शंकर राय)भगवान गणेश को प्रथम पुज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है इसी कारण किसी नए कार्य अथवा नववर्ष की शुरुआत होते ही संकष्टी गणेश चतुर्थी को उनके दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है यही वजह है अनगिनत भक्तों की आस्था के केंद्र बहीरम बाबा में विराजित गणेश प्रतिमा के दर्शनों के लिए प्रातः काल से ही भक्तों का हुजूम उमड़ने लगता है।

आस्था का केंद्र बना कोथलकुण्ड से बहिरम बाबा के लिए निकली पद यात्रा में अमन शांति के लिए 15 किलो मीटर पैदल चले कांग्रेस के पूर्व विधायक धरमु सिंग सिरसाम प्रतिवर्ष संकष्टी गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर सुबह 8 बजे कोथलकुण्ड से भक्तों की टोली पदयात्रा करते हुए महाराष्ट्र सीमावर्ती बहिरम बाबा के मंदिर दर्शन करने निकली इस यात्रा में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निलय डागा ने क्षेत्रवासियों के अमन चैन और खुशहाली की मंगल कामना के लिए पूर्व विधायक धरमुसिंग सिरसाम एवं ब्लाक किसान कांग्रेस अध्यक्ष पिंकी तिवारी के नेत्रत्व में डीजे की धुन पर नाचते हुए भक्तों की विशाल टोली बहिरम बाबा में विराजित गणपति जी के दर्शनार्थ पहुंचे।

पैदल चले भक्त दर्शन करने ऐसा समर्पण और कहां
कांग्रेस पूर्व विधायक धरमु सिंग सिरसाम एवं ब्लाक किसान कांग्रेस अध्यक्ष डॉ पिंकी तिवारी के नेत्रत्व में डीजे की धुन पर नाचते हुए भक्तों की विशाल टोली 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए कोथलकुण्ड से बहिरम बाबा (महाराष्ट्र) पहुंची। गौरतलब है कि भक्तों की टोली प्रतिवर्ष संकष्टी गणेश चतुर्थी पर बहिरम बाबा में विराजित गणपति जी के दर्शन करने जाती है। विगत 12 वर्षों से यह पदयात्रा सतत जारी है। जहां बाबा के इस धाम में धूमधाम से नाचते गाते भक्तों की टोली पंहुचती है।

और भजन कीर्तन जस आदि करते हुए भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसके बाद शाम को टोली प्रसादी ग्रहण कर घरों को लौट जाती है। मान्यता है की यंहा मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है और वर्ष भर बाबा भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं।

इस विशाल पद यात्रा में कोथलकुण्ड के सरपंच सुखराम लोखंडे, संजय मावस्कर, प्रेमलाल सरीयाम, कैलास नाकतुरे, डॉ दिनेश दवंडे, सियाराम यादव, दिनेश मस्की, अशोक अड़लक, शुभम राठौर, दिनेश वागदे, सतीश आर्य, आर्वष्कार इन्चुलकर, सजित त्रिवेदी, पवन तिवारी, अजीत त्रिवेदी, जय बाजपेई,राम तिवारी, संजू सराटकर, सहित ग्राम के ग्रामीण शामिल थे। पैदल यात्रा करते टोली बहिरम बाबा के मंदिर में पहुंचती हैं जंहा गणपति की पूजा अर्चना करने के बाद भंडारा किया गया।


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