(भैंसदेही शंकर राय)भैंसदेही–गुदगांव रोड पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 15 स्कूली बच्चे घायल हो गए, जबकि एक मासूम बच्ची हर्षिता पाटनकर की इलाज के दौरान मौत हो गई। अब इस हादसे को लेकर वेदिका विद्यापीठ स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।

हादसे के बाद बच्चों के पालकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पालकों का आरोप है कि स्कूल वैन लंबे समय से खराब हालत में संचालित की जा रही थी, जिसकी शिकायत उन्होंने कई बार स्कूल प्रबंधन से की, लेकिन हर बार इसे नजरअंदाज कर दिया गया। इतना ही नहीं, नियमों को ताक पर रखते हुए स्कूल वैन में रोजाना 20 से 22 बच्चों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता था, जो परिवहन नियमों का खुला उल्लंघन है।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हादसे के समय हर्षिता ड्राइवर की सीट के पास आगे बैठी हुई थी। उसी दौरान तेज रफ्तार जीप ने स्कूल वैन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हर्षिता को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

पालकों का साफ कहना है कि यदि स्कूल प्रबंधन ने नियमों के अनुसार बच्चों को वैन में बैठाया होता, तो हर्षिता को ड्राइवर के पास आगे बैठने की मजबूरी नहीं होती और शायद आज वह हमारे बीच होती। पालकों ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले ही स्कूल प्रबंधन को चेताया था कि गाड़ी बदलिए, नहीं तो किसी दिन बड़ा हादसा हो जाएगा” लेकिन स्कूल प्रबंधन की उदासीनता आखिरकार एक मासूम की जान ले बैठी। घटना के बाद जब इस पूरे मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन के परिवार के सदस्य से फोन पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

इससे उनकी जवाबदेही और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हुई मौत बताया जा रहा है। अब क्षेत्र में इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।


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