(भैंसदेही शंकर राय)भैंसदेही शहर की राजनीति में यदि किसी नेता ने बिना किसी दिखावे के भारतीय जनता पार्टी को निरंतर मज़बूती दी है, तो वह नाम है भाजपा नेता ब्रम्हदेव पटेल। वर्षों से पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा रखने वाले पटेल ने संगठन द्वारा सौंपे गए हर दायित्व को पूरी ईमानदारी, मेहनत और लगन के साथ निभाया है।

राजनीतिक जीवन में उन्हें कई बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहकर उन्होंने विश्वास की ऐसी नींव रखी कि समय आने पर जीत भी हासिल की। यही कारण है कि आज उन्हें एक संघर्षशील, भरोसेमंद और ज़मीन से जुड़ा नेता माना जाता है।

विधायक के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शुमार
वर्तमान समय में भैंसदेही विधानसभा के लोकप्रिय विधायक महेंद्र सिंह चौहान के वे सबसे विश्वसनीय और करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। क्षेत्र में यह आम चर्चा है कि यदि विधायक भैंसदेही में किसी नेता पर सबसे अधिक भरोसा करते हैं, तो वह नाम ब्रम्हदेव पटेल का होता है। संगठनात्मक कामकाज हो या ज़मीनी समन्वय, पटेल को एक भरोसेमंद कड़ी माना जाता है।

1996 से सक्रिय राजनीति का लंबा सफर
ब्रम्हदेव पटेल का राजनीतिक सफर वर्ष 1996 से शुरू होता है। उन्होंने सबसे पहला चुनाव भूमि विकास बैंक का लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद जल संसाधन समिति का चुनाव लड़ा और इसमें विजय हासिल की।

भाजपा मंडल में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वे सबसे कम उम्र में मंडल उपाध्यक्ष बने। इसके बाद उन्हें जिला कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2003 में उन्होंने नगर परिषद पार्षद का चुनाव लड़ा, हालांकि इसमें सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार से सीख लेते हुए वर्ष 2018 में पुनः भाजपा से पार्षद का चुनाव लड़ा और 76 मतों से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक क्षमता साबित की।

संगठन और समाज दोनों में मजबूत पकड़
इसके साथ ही ब्रम्हदेव पटेल ने भाजपा मंडल अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा ,कुनबी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में 3 वर्षों तक सेवाएँ दीं। सामूहिक विवाह समारोह के अध्यक्ष का दायित्व निभाया ,कई बूथों के प्रभारी रहकर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया।

कार्यकर्ता से नेता तक का प्रेरणादायक सफर
ब्रम्हदेव पटेल का राजनीतिक जीवन इस बात का प्रमाण है कि निरंतर संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और जनता से जुड़ाव ही सच्चे नेता की पहचान होती है। आज वे न सिर्फ भाजपा के एक समर्पित सिपाही हैं, बल्कि भैंसदेही की राजनीति में एक मजबूत और भरोसेमंद चेहरा भी बन चुके हैं।


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